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Wednesday, March 3, 2021

Bara soch ka jadu.Amir aadmi कैसे बनें। How to rich man.

 Bara soch ka jadu.Amir aadmi कैसे बनें। How to rich man.

अपने जीवनकाल में डेल कार्नेगी ने बहुत सी लोकप्रिय पुस्तकें लिखीं, जो उदाहरणों द्वारा सिखाती थीं—उनके अपने जीवन से, उस समय के सफल कॉर्पोरेट और राजनीतिक नेताओं के जीवन से तथा उनकी कक्षाओं में भाग लेनेवाले लोगों के जीवन से कि हमें क्या करना चाहिए, यदि हमें अच्छा संचारक बनना है; वफादार दोस्तों के एक बड़े नेटवर्क के साथ हमें ऐसे व्यक्ति बनना है, जिन्हें लोग पसंद करते हैं और हमारे पेशेवर एवं व्यक्तिगत स्थानों में सफल, खुश व संतुष्ट व्यक्ति बनना है। डेल कार्नेगी के लेखन को आधार के रूप में लेते हुए और विशेष रूप से प्रकाशकों द्वारा आपके लिए एक साथ रखते हुए यह आसान ग्रंथ डेल कार्नेगी द्वारा प्रदान किए गए आवश्यक एवं कालातीत सिद्धांतों का अर्क है, जिन्होंने दशकों से लाखों लोगों को अपने कॅरियर और जीवन को सकारात्मक रूप से आकार देने के लिए प्रेरित किया है। प्रत्येक आसान, प्रत्यक्ष सिद्धांत को कहानियों और उपाख्यानों द्वारा चित्रित किया गया है। अंत में स्वयं डेल कार्नेगी एवं उनके द्वारा सर्वाधिक प्रशंसित विचारकों और उपलब्धियाँ हासिल करनेवालों के उद्धरणों का चयन भी शामिल है।





आसानी से बीसवीं शताब्दी के सबसे प्रसिद्ध और सबसे प्रेरणादायक हस्तियों,

 विचारकों, लेखकों एवं शिक्षकों में से एक, डेल कार्नेगी का जन्म गरीबी में मिसौरी में

 एक किसान परिवार में हुआ था और उन्होंने कड़ी मेहनत एवं दृढ़ संकल्प के माध्यम

 से खुद को सफल बनाया। अलग-अलग समय में वे एक सेल्समैन और अभिनेता रहे

 तथा फिर वे एक प्रेरक वक्ता बने, जिन्होंने छात्रों, व्यापारियों एवं कॉर्पोरेट जगत् में

 अधिकारियों को पढ़ाया। उन्होंने छात्रों और अधिकारियों से लेकर गृहिणियों तक,

 सभी के लिए स्व-सुधार पाठ्यक्रम विकसित किए, जो लोगों को अपना सर्वश्रेष्ठ होने

 के लिए प्रेरित करते थे। अपने जीवनकाल में डेल कार्नेगी ने बहुत सी लोकप्रिय पुस्तकें

 लिखीं, जो उदाहरणों द्वारा सिखाती थीं—उनके अपने जीवन से, उस समय के सफल

 कॉर्पोरेट और राजनीतिक नेताओं के जीवन से तथा उनकी कक्षाओं में भाग लेनेवाले

 लोगों के जीवन से कि हमें क्या करना चाहिए, यदि हमें अच्छा संचारक बनना है;

 वफादार दोस्तों के एक बड़े नेटवर्क के साथ हमें ऐसे व्यक्ति बनना है, जिन्हें लोग पसंद

 करते हैं और हमारे पेशेवर एवं व्यक्तिगत स्थानों में सफल, खुश व संतुष्ट व्यक्ति बनना

 है। डेल कार्नेगी के लेखन को आधार के रूप में लेते हुए और विशेष रूप से प्रकाशकों

 द्वारा आपके लिए एक साथ रखते हुए यह आसान ग्रंथ डेल कार्नेगी द्वारा प्रदान किए

 गए आवश्यक एवं कालातीत सिद्धांतों का अर्क है, जिन्होंने दशकों से लाखों लोगों को

 अपने कॅरियर और जीवन को सकारात्मक रूप से आकार देने के लिए प्रेरित किया है।

 प्रत्येक आसान, प्रत्यक्ष सिद्धांत को कहानियों और उपाख्यानों द्वारा चित्रित किया गया

 है। अंत में स्वयं डेल कार्नेगी एवं उनके द्वारा सर्वाधिक प्रशंसित विचारकों और

 उपलब्धियाँ हासिल करनेवालों के उद्धरणों का चयन भी शामिल है। चाहे आप एक




 युवा हों, जिसे जीवन में बड़े निर्णय लेने हैं, कॅरियर में नए प्रवेश करनेवाले पेशेवर हों या कई वर्षों के अनुभव के साथ एक अनुभवी व्यक्ति हों, आपको इस विशेष संकलन में अपने लिए कुछ-न-कुछ अवश्य मिलेगा। इन सीखों और सिद्धांतों को लागू करें और उनसे लाभ प्राप्त करें। एक ऐसा कॅरियर ढूँढ़ने के लिए समय निकालें, जिसमें आपको सबसे अधिक आनंद और उत्कृष्टता प्राप्त हो यदि आप अठारह वर्ष से कम आयु के हैं तो शायद आपको जल्द ही आपके जीवन के दो सबसे महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए बुलाया जाएगा। ऐसे निर्णय जो आपके वर्षों के सभी दिनों को गहराई से बदल देंगे। ऐसे निर्णय, जिनके दूरगामी प्रभाव आपकी खुशी, आपकी कमाई, आपके स्वास्थ्य पर हो सकते हैं; ऐसे निर्णय, जो आपको बना या बिगाड़ सकते हैं। ये दो जबरदस्त निर्णय क्या हैं? पहला : आप जीविकोपार्जन कैसे करनेवाले हैं? क्या आप एक किसान, या एक डाक-वाहक, केमिस्ट, वन-क्षेत्रपाल (फॉरेस्ट रेंजर), स्टेनोग्राफर, घोड़ा-व्यापारी, कॉलेज के प्रोफेसर बननेवाले हैं या आप एक हैमबर्गर स्टैंड चलानेवाले हैं? दूसरा : आप अपने बच्चों के पिता या माता बनने के लिए किसका चुनाव करनेवाले हैं? ये दोनों महान् निर्णय अकसर जुए के समान होते हैं। ‘प्रत्येक लड़का’ हैरी एमर्सन फॉसडिक अपनी पुस्तक ‘द पावर टू सी इट थ्रू’ में कहते हैं, ‘प्रत्येक लड़का अपना व्यवसाय चुनते समय एक जुआरी होता है। उसे अपना जीवन दावँ पर लगाना होता है।’ आप एक व्यवसाय का चयन करने में जुए को कैसे कम कर सकते हैं? आगे पढ़िए; हम आपको जितनी अच्छी तरह हो सकता है, बताएँगे। पहले, यदि संभव हो तो उस काम को खोजने की कोशिश करें, जिसमें आपको आनंद मिलता हो। मैंने एक बार डेविड एम. गुडरिच (बोर्ड अध्यक्ष, बी.एफ.गुडरिच कंपनी, टायर निर्माता) से पूछा कि वे व्यवसाय में सफलता की पहली आवश्यकता किस चीज को मानते थे, तो उन्होंने उत्तर दिया, ‘अपने काम पर अच्छा समय बिताना। यदि आप जो कर रहे हैं, उसमें आपको मजा आ रहा है,’ उन्होंने कहा, ‘तो आपको कई घंटों तक काम करने के बाद भी ऐसा नहीं लगेगा कि आप काम कर रहे हैं। आपको वह खेल की तरह लगेगा।’ एडिसन इसका एक अच्छा उदाहरण थे। एडिसन—अशिक्षित, अखबार बेचनेवाला लड़का, जिसने बड़ा होकर अमेरिका का औद्योगिक जीवन बदल दिया। एडिसन, वह व्यक्ति, जो अकसर अपनी प्रयोगशाला में खाते व सोते थे और वहाँ दिन में अठारह घंटे मेहनत करते थे; लेकिन उनके लिए वह मेहनत नहीं थी। ‘मैंने अपने जीवन में कभी एक दिन भी काम नहीं किया,’ वे कहते थे, ‘वह सब बहुत मजेदार था!’ कोई आश्चर्य नहीं कि वे सफल रहे! मैंने एक बार चार्ल्स श्वाब को भी ऐसा ही कुछ कहते सुना था। उन्होंने कहा था, ‘एक व्यक्ति ऐसी लगभग किसी भी चीज में सफल हो सकता है, जिसके लिए उसके पास असीमित उत्साह है।’ लेकिन आपको किसी काम के लिए उत्साह कैसे हो सकता है, जब आपको धुँधला सा भी अनुमान नहीं है कि आप करना क्या चाहते हैं? ‘सबसे बड़ी त्रासदी, जिसका मुझे पता है,’ मिसेज एड्ना केर, जिन्होंने एक समय ड्यूपौंट कंपनी के लिए हजारों कर्मचारी नियुक्त किए थे और जो अब अमेरिकन होम प्रोडक्ट्स कंपनी में औद्योगिक संबंधों के लिए सहायक निदेशक हैं, ने मुझसे कहा था, ‘सबसे बड़ी त्रासदी, जिसका मुझे पता है, वह यह है कि इतने सारे युवा लोग कभी नहीं जान पाते कि वे वास्तव में क्या करना चाहते हैं! मुझे लगता है, उस व्यक्ति से अधिक दया का पात्र और कोई नहीं होता, जिसे अपने काम से वेतन के अलावा और कुछ नहीं मिलता।’ मिसेज केर बताती हैं कि कॉलेज के छात्र तक उनके पास आकर कहते हैं—‘मेरे पास डार्टमाउथ से एक बी.ए. की डिग्री है (या कॉर्नेल से एम.ए. की)। क्या आपकी फर्म में ऐसा कोई काम है, जो मैं कर सकता हूँ?’ उन्हें खुद भी पता नहीं होता कि वे क्या करने में सक्षम हैं, न ही यह कि वे क्या करना पसंद करेंगे? क्या यह कोई आश्चर्य की बात है कि इतने सारे पुरुष व महिलाएँ, जो सक्षम मस्तिष्क और गुलाबी सपनों के साथ जीवन में शुरुआत करते हैं, चालीस वर्ष की आयु तक पूरी तरह निराश हो जाते हैं, यहाँ तक कि नर्वस ब्रेकडाउन के शिकार भी हो जाते हैं? वास्तव में उचित पेशा ढूँढ़ना आपके स्वास्थ्य के लिए भी महत्त्वपूर्ण है। जब जॉन्स हॉपकिंस के डॉ. रेमंड पर्ल ने कुछ बीमा कंपनियों के साथ एक अध्ययन किया; उन कारकों की खोज करने के लिए, जो लंबे जीवन का कारण बनते हैं तो उन्होंने ‘अच्छे व्यवसाय’ को सूची में उच्च स्थान दिया। उन्होंने थॉमस कार्लाइल के साथ कहा हो सकता है—‘धन्य है वह व्यक्ति, जिसे उसका काम मिल गया है। उसे और कोई आशीर्वाद नहीं माँगना चाहिए।’ मैंने हाल में पॉल डब्ल्यू. बॉयनटन के साथ एक शाम बिताई, जो सोकोनी-वैक्यूम ऑयल कंपनी के लिए रोजगार पर्यवेक्षक (एंप्लॉयमेंट सुपरवाइजर) का कार्य करते हैं। पिछले बीस वर्षों में उन्होंने नौकरी खोज रहे पचहत्तर हजार लोगों के इंटरव्यू लिये हैं और उन्होंने एक पुस्तक लिखी है, जिसका शीर्षक है ‘सिक्स वेज टू गेट अ जॉब’ (नौकरी पाने के छह तरीके)। मैंने उनसे पूछा, ‘आज नौकरी की तलाश करते हुए युवा लोग सबसे बड़ी गलती क्या करते हैं?’ ‘वे नहीं जानते कि वे क्या करना चाहते हैं,’ उन्होंने कहा। ‘यह महसूस करना पूरी तरह से भयावह है कि एक व्यक्ति एक कपड़े का सूट खरीदने से पहले अधिक सोच-विचार करता है, जो कुछ वर्षों में खराब हो जाएगा, बजाय अपने कॅरियर के चुनाव के बारे में सोचने के, जिस पर उसका पूरा भविष्य निर्भर करता है, जिस पर उसके पूरे भविष्य की खुशी और मन की शांति आधारित है!’ और फिर क्या? आप इसके बारे में क्या कर सकते हैं? आप व्यावसायिक मार्गदर्शन (वोकेशनल गाइडेंस) नाम के एक नए पेशे का लाभ उठा सकते हैं। यह आपकी सहायता कर सकता है या आपका नुकसान कर सकता है। यह उस परामर्शदाता की क्षमता और चरित्र पर निर्भर है, जिससे आप परामर्श लेते हैं। यह नया व्यवसाय अभी पूर्णता की स्थिति के आस-पास भी नहीं है। यह अभी मॉडल टी. अवस्था तक भी नहीं पहुँचा है। लेकिन इसका एक शानदार भविष्य है। आप इस विज्ञान का उपयोग कैसे कर सकते हैं? यह पता लगा कर कि आपके समुदाय में आप व्यावसायिक परीक्षण और व्यावसायिक सलाह कहाँ प्राप्त कर सकते हैं। ऐसी सलाहें केवल सुझावों का रूप ले सकती हैं। निर्णय आपको लेना होता है। याद रखें कि ये परामर्शदाता अचूक नहीं होते। ये हमेशा एक-दूसरे से सहमत नहीं होते। ये कभी-कभी हास्यास्पद गलतियाँ करते हैं। उदाहरण के लिए, एक बार एक व्यावसायिक मार्गदर्शक, परामर्शदाता ने मेरी एक छात्रा को लेखक बनने की सलाह दी—केवल इसलिए, क्योंकि उसके पास एक बड़ी शब्दावली (वोकैबुलरी) थी। कितनी बेतुकी बात है! यह इतना आसान भी नहीं है। अच्छा लेखन वह है, जो आपके विचारों व भावनाओं को पाठक तक पहुँचाता है, और ऐसा करने के लिए आपको बड़ी शब्दावली की आवश्यकता नहीं है, लेकिन आपके पास विचार, अनुभव, प्रतिबद्धता, उदाहरण और उत्साह अवश्य होने चाहिए। वह व्यावसायिक सलाहकार, जिसने बड़ी शब्दावली वाली इस लड़की को एक लेखक बनने की सलाह दी थी, केवल एक ही काम करने में सफल रहा। उसने एक भूतपूर्व खुश स्टेनोग्राफर को एक निराश, भावी उपन्यासकार में बदल दिया। जो बात मैं कहने की कोशिश कर रहा हूँ, वह यह है कि व्यावसायिक-मार्गदर्शन विशेषज्ञ भी हमारी व आपकी तरह अचूक नहीं होते। शायद आपके लिए उनमें से कई से सलाह लेना बेहतर होगा और फिर आप सामान्य ज्ञान की रोशनी में उनके निष्कर्षों की व्याख्या कर सकते हैं। हमारी कई चिंताएँ, अफसोस और कुंठाएँ उस काम के कारण पैदा होती हैं, जिसे हम पसंद नहीं करते। उसके बारे में अपने पिता से पूछिए या अपने पड़ोसी से या अपने बॉस से। जॉन स्टुअर्ट मिल जैसे बौद्धिक दिग्गज ने भी कहा है कि ‘इंडस्ट्रियल मिस्फिट्स (औद्योगिक क्षेत्र में अनुपयुक्त) समाज के सबसे भारी नुकसानों में से होते हैं।’ और हाँ, इस धरती पर सबसे दुःखी लोगों में से कुछ यही ‘इंडस्ट्रियल मिस्फिट्स’ हैं, जो अपने दैनिक कार्य से नफरत करते हैं! क्या आप ऐसे व्यक्ति को जानते हैं, जो सेना में ‘टूट’ गया था? वह व्यक्ति, जो गलत जगह पर था! मैं युद्ध में हुए हताहतों के बारे में बात नहीं कर रहा हूँ, बल्कि उनके बारे में बात कर रहा हूँ, जो साधारण सर्विस में टूट गए थे। डॉ. विलियम मेनिंगर हमारे सबसे महान् जीवित मनोचिकित्सकों में से एक युद्ध में सेना के न्यूरोसाइकैट्रिक डिवीजन के प्रभारी थे और वे कहते हैं, ‘हमने सेना में चयन व नियुक्ति के महत्त्व पर सही व्यक्ति को सही नौकरी देने के बारे में बहुत कुछ सीखा। हाथ में काम के महत्त्व का एक दृढ़ विश्वास अत्यंत महत्त्वपूर्ण था। जहाँ एक व्यक्ति को कोई दिलचस्पी नहीं थी, जहाँ उसे लगता था कि वह अनुपयुक्त है, जहाँ वह सोचता था कि उसकी सराहना नहीं की जाती है, जहाँ वह मानता था कि उसकी प्रतिभा का दुरुपयोग किया जा रहा है, तो निश्चित रूप से हमें एक वास्तविक नहीं तो संभावित मनोरोग पीड़ित मिलता था।’ हाँ, और इन्हीं कारणों से एक व्यक्ति उद्योग में ‘टूट’ सकता है। यदि वह अपने व्यवसाय से नफरत करता है तो वह उसे भी तोड़ सकता है। उदाहरण के लिए, फिल जॉनसन का मामला लीजिए। फिल जॉनसन के पिता एक लौंड्री के मालिक थे, इसलिए उन्होंने अपने बेटे को एक नौकरी दे दी, इस आशा के साथ कि बेटा उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाएगा। लेकिन फिल को लौंड्री से नफरत थी, इसलिए वह समय नष्ट करता, इधर-उधर घूमता और जितना काम बताया जाता, उतना ही करता, उससे एक सूत भी अधिक नहीं। किसी-किसी दिन वह अनुपस्थित रहता। उसके पिता यह सोचकर इतने आहत होते थे कि उनका बेटा आलसी व महत्त्वाकांक्षा-विहीन है, अतः वे वास्तव में अपने कर्मचारियों के सामने शर्मिंदा महसूस करते थे। एक दिन फिल जॉनसन ने अपने पिता से कहा कि वह एक मेकैनिक बनना चाहता था और मशीन की दुकान में काम करना चाहता था। क्या? ओवरऑल्स में वापस जाना चाहता था? वृद्ध पिता को झटका लगा, लेकिन फिल ने अपने मन का किया। वह ग्रीज लगी डंगरीज पहन कर काम करता था। वह लौंड्री से कहीं अधिक कड़ी मेहनत करता था। वह लंबे समय तक काम करता था और काम करते हुए सीटी बजाता था! उसने इंजीनियरिंग पढ़ी, इंजनों के बारे में सीखा, मशीनों के साथ काम किया और 1944 में जब फिलिप जॉनसन की मृत्यु हुई, वह बोइंग एयरक्राफ्ट कंपनी का अध्यक्ष था और फ्लाइंग फोर्ट्रेस बना रहा था, जो युद्ध जीतने में सहायता करते थे। यदि वह लौंड्री में अटका रहता तो उसका और लौंड्री का क्या हुआ होता, विशेष रूप से उसके पिता की मृत्यु के बाद? मेरा अनुमान है कि उसने व्यवसाय को बरबाद कर दिया होता, उसे तोड़ दिया होता और मिट्टी में मिला दिया होता। पारिवारिक झगड़े शुरू होने का जोखिम होने पर भी मैं युवा लोगों से कहना चाहूँगा कि केवल इसलिए एक व्यवसाय या व्यापार में प्रवेश करने के लिए मजबूर महसूस न करें, क्योंकि आपका परिवार चाहता है कि आप इसे करें! एक कॅरियर में तभी प्रवेश करें, जब आप उसे करना चाहें! तथापि अपने माता-पिता की सलाह पर ध्यान से विचार करें। उन्होंने शायद आपसे दोगुना जीवन जिया है। उन्होंने इस तरह का ज्ञान प्राप्त किया है, जो केवल बहुत सारे अनुभव और कई वर्ष गुजारने के बाद प्राप्त होता है। लेकिन अंतिम विश्लेषण में, वे आप हैं, जिन्हें अंतिम निर्णय लेना है। वे आप हैं, जो अपने काम में या तो बहुत खुश या बहुत दुःखी होने वाले हैं। अब इतना कह लेने के बाद मैं आपको आपका काम चुनने के बारे में निम्नलिखित सुझाव, जिनमें से कुछ चेतावनियाँ हैं, देता हूँ— 1. व्यावसायिक-मार्गदर्शन परामर्शदाता के चयन के बारे में निम्नलिखित सुझावों को पढ़ें और उनका गहन अध्ययन करें। यह सुझाव सीधे विशेषज्ञ के मुँह से निकले हैं। ये अमेरिका के प्रमुख व्यावसायिक-मार्गदर्शन विशेषज्ञों में से एक, कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हैरी डेक्सटर किट्सन द्वारा दिए गए हैं—

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